भामाशाह बनकर बदल दी स्कूल की तस्वीर, अब सिक्किम के गंगटोक में राष्ट्रीय शिक्षक रत्न पुरस्कार से सम्मानित होगी डूंगरपुर की ममता

Mamta Yadav

 

डूंगरपुर। ममता यादव राजकीय प्राथमिक विद्यालय हिम्मतपुरा मे संस्थाप्रधान के पद पर कार्यरत है। इस शिक्षिका ने नवाचारों के लिए स्वयं भामाशाह बनकर विद्यालय विकास में एक लाख एक हजार रुपये भेंट किए। अन्य कई कार्यो जरिये स्कूल को पहचान दिलाई। अब समता साहित्य अकादमी, यवतमाल महाराष्ट्र की ओर से आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समता परिषद 2019 सम्मेलन में पातेला डूंगरपुर निवासी शिक्षिका ममता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ डीएस तांडेकर ने बताया कि नौ जून को सिक्किम गंगटोक में होने वाले राष्ट्रीय समता परिषद 2019 सम्मेलन मे शिक्षा के क्षेत्र में किये नवाचारों पर ममता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

सम्मान के पीछे यह स्कूल, जिसकी ​दीवारें बोलती है….
सरकारी स्कूलों की स्थिति से हर कोई वाकिफ है। यहां कक्षाकक्षों के साथ संसाधनों की कमी झेलनी पड़ती है। राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल ऐसा भी है जो निजी विद्यालयों को भी मात देता है। इसे देखकर सरकारी स्कूल के प्रति हर किसी की सोच बदल जाती है। इस स्कूल के विद्यार्थी टाई पहने, गले में आई कार्ड लटकाए निजी स्कूलों की तरह अध्ययन करते नजर आते हैं। डूंगरपुर जिले के हिम्मतपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय की हिम्मत व मेहनत अन्य स्कूलों के लिए मिसाल कायम करने वाली है। यहां की शि​क्षिका ममता यादव विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन के लिए नियमित नवाचार कर रहे हैं। अब गुजरात के शिक्षक व पड़ोसी गांव के सरपंच अपने स्कूलों को ऐसा लुक देने का संकल्प ले चुके हैं।

दीवारों पर उकेरा गया कार्टून कैरेक्टर मिकी माउस
डूंगरपुर जिला मुख्यालय से 10 किमी की दूरी पर सरथुना मार्ग पर स्थित इस स्कूल में वागड़ दर्शन की टीम पहुंचने पर विद्यार्थियों ने अपना परिचय अंग्रेजी भाषा में दिया। गुड मॉर्निग, थैंक यू जैसे शब्द सुनने को मिले। जहां सरकारी स्कूल के विद्यार्थी जहां सही से हिंदी नहीं बोल पाते हैं, वहां अंग्रेजी का प्रयोग होना ही सरकारी स्कूलों के प्रति सोच बदलने का काम करता है। बेहतर माहौल देने के लिए यहां फर्श पर कालिन बिछाई गई है ताकि सर्दी, गर्मी, बारिश के दिनों में कोई परेशानी नहीं आए। यहां हो रहे कार्यो को देख कर आप भी हैरान रह जाएंगे। यदि आपको यकीन नहीं होता है तो एक बार आपको विजिट करना चाहिए।

इस तरह से होती है पढ़ाई
एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें सीधा संवाद करते हैं। वहीं हिम्मतपुरा विद्यालय के विद्यार्थी मन की बात करते है। प्रभारी ममता यादव ने बताया कि विद्यार्थी अपनी समस्या, पारिवारिक समस्या, स्कूल में हो रही परेशानी, शिक्षण समस्या को कागज पर लिख देते हैं। जो विद्यार्थी बोलने में हिचकिचाते हैं, वह सहज रूप से लिख पाते हैं। इससे विद्यालय में अनुशासन देखने को मिला।

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दो कक्षाकक्ष व एक कार्यालय में चलने वाले स्कूल की दीवारों को कार्टून कैरेक्टर से सजाया गया है। यहां छोटा भीम, मिकी माउस के साथ साथ भगवान कृष्ण, हनुमान, राम आदि से परिचय कराया जा रहा है। वही हिंदी वर्णमाला, अंग्रेजी अक्षर, पहाड़ा, भारत का नक्शा, सब्जियों के नाम, फलों के नाम आदि के पोस्टर से दीवारों को सजाया गया है। इस तरीके से विद्यार्थी क्लास रूम में बोर नहीं होते है, जब भी उसकी नजर दीवारों पर जाएगी, वह कुछ सीखने व जानने का प्रयास करेगा।

अध्यात्म ज्ञान के लिए भगवान की कृति का चित्रण
इस बदलाव से अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूल भेजने के बजाय यहां भेज रहे हैं। नामांकन बढ़ रहा है। अब 94 विद्यार्थी स्कूल से जुड़े हुए है। विद्यालय की प्रभारी ममता यादव ने सहयोग के लिए एक लाख रुपये की राशि दी है। इससे 32 इंच की टीवी खरीदी गई। जिसे क्लास रूम में लगाया गया है। यहां विद्यार्थियों को अंग्रेजी ज्ञान के साथ कार्टून के जरिये शिक्षा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। नामांकन ठहराव के लिए मिड डे मिल व अन्नपूर्णा दुग्ध योजना चल रही है। इसके लिए स्कूल के कीचन की बाहरी दीवार को फलों की आकृति से सजाया है। वहीं कक्षाकक्ष का बाहरी लुक भी तिरंगे में सजा गया है। यहां की दीवारें स्वच्छता का संदेश दे रही है।

क्लास रूम में लगाई गई टीवी
विद्यालय की प्रभारी ममता यादव ने बताया कि यहां विद्यार्थियों का पोर्टफोलियो बन रहा है। विद्यार्थी की नियमित गतिविधियों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। अभिभावकों को इससे रूबरू कराया जा रहा है। वहीं दीवारों पर उकेरी गई आकृति व सजावट की थीम को एक शैक्षिक सत्र पुरा होने के बाद बदल दिया जाता है। उसके बाद नई थीम पर दीवारों को सजाने का काम किया जाएगा। एक ही आकृति बार बार देखे जाने से बच्चों में बोरियत महसूस ना हो, इसके लिए बदलावा किया जाता है।

अंग्रेजी, हिंदी ज्ञान के लिए दीवारों पर चिपकाए गए पोस्टर विद्यालय विकास को देखने के लिए पड़ोस के गांव के सरपंच व गुजरात से शिक्षक पहुंच रहे हैं। सरपंच से लेकर शिक्षक अपने विद्यालयों में नवाचार अपनाने का संकल्प लिया है, जिसे विजिटर बुक में देखा जा सकता है। कक्षा एक से पांचवी तक चलने वाले स्कूल में विकास कार्य के लिए ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। एसडीएमसी की बैठक आयोजित कर बदलाव व नवाचार पर सहयोग लेकर कार्य किया गया। पीपी एजुकेशन सोसायटी ने भी सहयोग की मुहिम में आहुति दी है। आने वाले वर्षो में ओर बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

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  1. The Kutch is divided into four zones, namely (a)Wagad (Regional including Rapar and Bhachau Taluka and Little Rann),(b) Kanthi(Sea Coast area, derived from Gujarati:?????) comprising Anjar Mundra and Mandvi Taluka, (c) Banni Region with Pascham which includes Bhuj, Nakhatrana and surrounding areas and (d) Maghpat which includes part of Nakhatrana and Lakhapat taluka.

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