वागड़ के इस मंदिर में बिना ब्याज के मिलता था पैसा..

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आज हम आपको ऐसे वागड़ क्षेत्र के ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं कि जिसे भगवान गणेशजी संकटमोचन बनकर भक्तों की आर्थिक परेशानियां दूर करते थे। बस इसके लिए आपको भगवान के नाम चिट्ठी लिखनी होती थी। दूसरे दिन नियत समय पर लाल थैली में राशि मिल जाती थी। चाहे कितनी ही राशि क्यों ना हो। यह राशि बिना ब्याज के मिलती थी। राशि को नियत समय पर लौटाने का भी जिक्र चिट्ठी में लिखना होता था। इसके लिए गवाह की जरूरत भी नहीं होती थी। जहां बिना पहचान के राशि मिलती थी।

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यह मंदिर राजस्थान के डूंगरपुर शहर में उदयविलास पैलेस के पास स्थित है। इसे रूप गणपति मंदिर कहा जाता हैं। यहां से कोई खाली हाथ नहीं जाने के कारण रोकडिया गणपति कहा जाता था। जब किसी के घर में विवाह का आयोजन हो, या मुसीबत हो। भगवान गणेशजी विघ्नहर्ता के रुप में राशि उपलब्ध करा कर मदद करते थे। 

भगवान को चिट्ठी में लिखते हैं मन की बात 

यह मंदिर ऐसा है यहां पर श्रद्धालु अपनी बात भगवान तक पहुंचाने के लिए चिट्ठी लिखा करते थे। श्रद्धालुओं की मन की बात भगवान गणेशजी पूरा भी करते हैं। अब मन के माध्यम से संवाद कर भक्त अपने भगवान तक बात पहुंचाते हैं। यहां की प्रतिमा को देखकर भक्त देखते ही रह जाते हैं।

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इस गलती के बाद बंद हो गई सीधे राशि मिलना
पंडित बालकृष्ण बताते हैं कि यहां मनोकामना पूर्ति करने वाले भगवान स्वयं विराजमान है। यहां की मनोकामना धारण करने से निसंतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति होती है। बस भगवान के प्रति आस्था होनी चाहिए। आपकी हर मुराद पूरी होगी। बताते हैं कि एक बार किसी व्यक्ति ने भगवान के दरबार में चिट्ठी लिखकर राशि प्राप्त की। जब वह वापस लौटाने आया तो उसके मन में डर था कि मैं यहां राशि रख रहा हूं, लेकिन कोई ओर ले गया तो क्या होगा। इस पर वह राशि भगवान के सम्मुख रखने के बजाय अपने साथ वापस ले गया। तब से चिट्टी के जरिये राशि मिलना बंद हो गया। पंडित बालकृष्ण कहते हैं कि अब आपको परेशानी में राशि की जरूरत होने पर भगवान मित्र को, संगे संबंधी, पड़ोसी को भेजकर आपके काम निकाल देते हैं।

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800 वर्ष पुराना है मंदिर
रोकडिया गणपति मंदिर करीब 800 वर्ष पुराना होना बताया जा रहा है। यहां हर बुधवार को भक्त अधिक संख्या में आते हैं। गणेशोत्सव के तहत भगवान का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। सुबह एवं शाम के समय भक्त अधिक नजर आते हैं। यहां बैठकर सुकून व शांति का अनुभव होता है। यहां पर प्राचीनता व नवीनता का मिश्रण देखने को मिलता है। आपको यहां पर पुराने गेट व गोखड़े देखने को मिल जाएंगे।

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