अरे वाह…नासिक के पौधों से डूंगरपुर में हो रही अनार की खेती..

Dungarpur agriculture

कर्तव्य शाह, डूंगरपुर। कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे खेतों में अनार की पैदावार हो सकेगी। हमारे खेत भी अनार के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन आज खेतों में अनार की फसल नजर आ रही है। यह कहना है डूंगरपुर जिले के भचडिया गांव के किसान अभयसिंह डामोर का। राजस्थान के डूंगरपुर जिले का भ​चडिया गांव पड़ोसी गुजरात से करीब 10 किमी की दूरी पर है। अभयसिंह का गुजरात राज्य के बोरवाई गांव में जाना हुआ। वहां देखा कि पाटीदार समाज अनार की बढ़िया खेती कर रहा है। अच्छा मुनाफा भी कमा रहा है। क्यों ना हम भी अपने गांव के खेतों में अनार की खेती करें। इस पर प्रयास शुरू किया। बोरवाई गांव के किसानों के प्रयासों से नासिक से पौधे मंगवाए। इनकी अनार की खेती का तीसरा वर्ष है। वर्ष 2016 में अनार की पैदावार होने पर गांव में बंटवाए। इसके बाद पड़ोसी गांव व रिश्तेदारों को बांट कर पैदावार पर हर्ष जताया। इस वर्ष अनार तैयार होते ही बाजार व मंडी में बेचेंगे। बोरवाई गांव के किसानों के मार्गदर्शन में फसल पैदावार शुरू की थी। अब कृषि विभाग का सहयोग मिलने लगा है।

Agriculture dungarpur

नासिक से मंगवाए 400 पौधे
दाड़िम की खेती की खासियत यह है कि इन्होंंने रासयनि​क खादों का प्रयोग नहीं किया है। पूर्ण रूप से जैविक खेती कर अनार की बढ़िया पैदावार करने में जुटे है। यह बताते हैं कि इसके लिए बोरवाई के किसानों की मदद से नासिक से 135 रुपये प्रति मूल्य का पौधा खरीदा। इस पर करीब 54 हजार रुपये की राशि खर्चं की। गुजरात की तर्ज पर खेती करने का मन बना लिया। परिवार से पिता व भाई की मदद मिली।

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कृषि विभाग ने दिए 200 पौधे
अनार की पैदावार में वर्ष में दो बार, छह माह में एक बार होती है। अभयसिंह डामोर बताते हैं कि अनार को जितना पानी दिया, उतना ही अच्छा रहता है। कृषि विभाग ने अनार के प्रति रूझान को देखते हुए 200 पौधे उपलब्ध कराए। खेतों में वर्ष भर पैदावार के लिए मल्टीपल खेती की जा रही है। अनार की पौध के साथ उड़द व मक्का भी तैयार किया जा रहा है। गांव में भी सबको पता लग गया है, हम अनार की खेती कर रहे हैं।

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गांव के किसान हो रहे प्रेरित
अभयसिंह के भाई कहते हैं कि जब नासिक से अनार के पौधे मंगवाए। पौध से पैदावार हुई तो अब गांव के किसानों को पैदावार के लिए प्रेरित किया। गांव के किसानों को उपहार के रुप में पौधे दिए गए, कुछ किसान इसकी तैयारी कर रहे हैं। केसरपुरा ग्राम पंचायत के कांकरादरा में भी एक किसान ने अनार के प्रति रूझान बढ़ाया है। समय के साथ खेती की प्रक्रिया में बदलाव हो रहा है। 

ग्राम पंचायत के सरपंच पवनसिंह डामोर बताते हैं कि ग्राम पंचायत के किसान पंरपरागत के अलावा व्यापारिक फसलों की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। किसान मूंगफली, तरबूज, सौंफ की खेती करते आए है, अब अनार, सोयाबीन के प्रति रूचि बढ़ा रहे हैं। गुजरात नजदीक होने के कारण लोगों को इसका फायदा मिल रहा है। पंरपरागत में गेहूं, मक्का, चना, उड़द फसल पैदावार कर रहे हैं।

Agro kisan dungarpur

गुजरात बन रहा कृषि ज्ञान का आधार
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के किसानों के लिए गुजरात राज्य ज्ञान का आधार बन रहा है। लुणावाड़ा व मोड़ासा मंडी में किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल रहा है। कई बार गुजरात के व्यापारी सीधे गांवों में आकर किसानों से संपर्क कर लेते हैं। कॉल के जरिये तैयार की गई फसल को ले जाते हैं। किसानों का कहना है कि गुजरात राज्य में हमारी पैदावार को उचित सम्मान मिलता हैं।

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One Thought to “अरे वाह…नासिक के पौधों से डूंगरपुर में हो रही अनार की खेती..”

  1. Sagar me pratibhaon ki koi kami nahi jai.

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