चारपाई पर नाचते हैं यह घोड़े, चाल को मदमस्त व मनमोहक बनाने पूरा परिवार करता है देखभाल

vagad darshan tufan

जिला मुख्यालय से छह किमी दूर थाणा गांव में काठियावाडी व मारवाड़ी नस्ल के घोड़े, तीन दशक से ढोली परिवार घोड़ों के जरिये कर रहा गुजारा , बादल, तूफान, राजा, शेर, धनराज, बिजली, शहरी तूफान है घोड़ों के नाम डूंगरपुर। महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का नाम हर कोई जानता है। राजाओं के शासनकाल में घोड़ा शानो शौकत की पहचान था। युद्ध से लेकर शुरवीरता में घोड़ों का नाम लिया जाता है। डूंगरपुर जिला मुख्यालय से छह किमी की दूरी पर स्थित थाणा गांव में ढोली परिवार घोड़े के जरिये अपने परिवार…

Read More

क्या आप जानते है वागड़ की महिला किसान मॉडल को

dungarpur

वागड़ की महिला किसान ने दिल्ली में गाया “वडाली तारे खुस जाहे मु नानी परणाई” राजेश पटेल,डूंगरपुर। किसानों को याद करने के लिए सिर्फ किसान दिवस ही नहीं है। अन्नदाता को याद करने के लिए हर दिन महत्वपूर्ण है। वागड़ ​के किसान खेती में जो नवाचार कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है। किसी ने क्या खूब लिखा है, “कर दिखाओ कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा ” ऐसा ही कुछ करके दिखाया है वागड़ की शांता पटेल ने। इस महिला किसान को दूरदर्शन चैनल द्वारा राष्ट्रीय महिला…

Read More

पायलट बोले, धर्मो के ठेकेदार मंदिर जाते तो क्या बुरा होता!

sachin pilot dungarpur

डूंगरपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि पीएम बेणेश्वर धाम पर भाषण देकर चले गए। मंदिर में हाथ जोड़कर चले जाते तो क्या बुरा होता। यह धर्मो के ठेकेदार बनते है, मंदिर जाना क्यों भूल गए! आखिर जगह का चयन क्यों किया। ​बहुत बड़ा धाम है। लोग शामिल हो जाएगे, इसलिए सभा कर दी। इससे तो खेत में ही सभा कर लेते। यह मंगलवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र के कुआं गांव में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घमंड का…

Read More

चोर भी भूल गए चोरी करना, पुरातन विभाग ने माना महत्वपूर्ण!

बांसवाड़ा जिले का अंदेश्वर पार्श्वनाथ अतिशय मंदिर

बांसवाड़ा के अंदेश्वर पार्श्वनाथ अतिशय मंदिर को वागड़ क्षेत्र में हर कोई जानता है। कार्तिक पुर्णिमा यहां के लिए अहम दिन होता है। इस दिन अंदेश्वर भगवान प्रगट हुए थे। इस प्रतिमा को 12वीं या 13 वीं शताब्दी माना जाता है। पुरातन विभाग ने इस मूर्ति को अध्यात्म की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है। भगवान पार्श्वनाथ की यह प्रतिमा अंदेश्वर पार्श्वनाथ के नाम से देशभर में विख्यात है। इस प्रतिमा के पीछे कई किंवदंतियां है कि एक बार चोर यहां चोरी करने के लिए आए। चांदी के दरवाजों को निकाल दिया,…

Read More

क्या आपने देखा है यह स्कूल, जिसकी दीवारें बोलती है…

डूंगरपुर जिले का हिम्मतपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय

-टाई पहने, आई कार्ड लटकाए अध्ययन करते हैं विद्यार्थी सरकारी स्कूलों की स्थिति से हर कोई वाकिफ है। यहां कक्षाकक्षों के साथ संसाधनों की कमी झेलनी पड़ती है। राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल ऐसा भी है जो निजी विद्यालयों को भी मात देता है। इसे देखकर सरकारी स्कूल के प्रति हर किसी की सोच बदल जाती है। इस स्कूल के विद्यार्थी टाई पहने, गले में आई कार्ड लटकाए निजी स्कूलों की तरह अध्ययन करते नजर आते हैं। डूंगरपुर जिले के हिम्मतपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय की हिम्मत…

Read More

मंजुला रोत सचिन पायलट ग्रुप की, काट रहे एक दूसरे को!

चौरासी विधानसभा

डूंगरपुर। राज्यसभा सांसद हर्षवर्धनसिंह ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी है। मंजुला रोत सचिन पायलट ग्रुप की है। एक गुट दूसरे गुट को काट रहा है। ऐसी पार्टी को लाकर कोई काम नहीं होने वाला है। भाजपा विकास की राजनीति करती है। जात पात की राजनीति नहीं करती है। भाजपा सामाजिक समरसता वाली पार्टी है। हमारे लिए आप सब एक है। भाजपा काम से मतलब रखती है। मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि अबकी बार हमको समर्थन दीजिए। आपके कार्य हम करने के लिए तैयार है। वागड़ का क्षेत्र शांतिपूर्ण है,…

Read More

पांच साल थे आपके, 15 दिन हमारे!, ऐसे पहुंची सीएम

डूंगरपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि पांच साल आपके थे। अब 15 दिन हमारे है। 15 दिन कमल की खेती खिलानी है। अब सरकार वहीं आएगी जो जनता का विकास करेगी। य​ह चौरासी विधानसभा क्षेत्र के चिखली कस्बे में विजय संकल्प सभा में भाजपा प्रत्याशी सुशील कटारा के समर्थन में संबोधित कर रही थी। सीएम ने वागड़ के पारंपरिक आभूषण सांकली, कंदौरा पहना हुआ था। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ सेल्फी ली। कार्यकर्ता सीएम से बोलें हम लेते है पूरी गारंटी।… आप भी देखे वीडियो यह भी देखे : ऐसे…

Read More

नीला पानी, बस इस पल का होता है वर्षभर इंतजार…

neelapani fair place

राजेश पटेल, डूंगरपुर। मेला हमारी संस्कृति का हिस्सा है। गांवों में लगने वाले मेले में ग्रामीण संस्कृति का दर्शन होता है। बेणेश्वर व रथोत्सव के बाद नीलापानी मेले की पहचान बरसों से कायम है। परंपराओं पर आधारित यह मेला ऐतिहासिक है। देव दिवाली का यह मेला पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध है। यहां तक कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इस पर सवाल पूछा जा चुका है। वर्षभर साधु इस नीलापानी मेले के आने का इंतजार करते हैं। कई साधु पैदल चलकर यहां पहुंचते हैं। यहां चौदस को कुंड में स्नान के लिए…

Read More

कभी गोकुल-मथुरा कहलाती थी वागड़ की यह जगह…

राजेश पटेल, डूंगरपुर। जब आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का नाम आता है तो गोकुल व मथुरा जेहन में आ जाता है। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा की प्रतिमा विराजित होती है, लेकिन वागड़ में एक गांव ऐसा है जिसके नाम में ही भगवान श्याम बिराजते हैं। डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा पंचायत समिति में स्थित नवलश्याम गांव वर्तमान में राधाकृष्ण मंदिर से पहचाना जाता है। गांव के राधाकृष्ण मंदिर काशी के कारीगरों की मदद से तैयार किया है। इस मंदिर को गोकुल, मथुरा की तरह हुबहु बनाने का प्रयास किया गया…

Read More

सात बैलगाडी टूटी, फिर स्थापित कर दी प्रतिमा

डूंगरपुर जिले का प्रसिद्ध मांडविया हनुमान मंदिर

राजेश पटेल व विशाल कलाल की संयुक्त रिपोर्ट : डूंगरपुर जिले का चमत्कारिक मांडविया हनुमान मंदिर आस्था का ऐसा परम धाम है, यहां भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है। जिला मुख्यालय से 26 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हर शनिवार को श्रद्धालुओं का मेला लगता है। सिर्फ डूंगरपुर—बांसवाड़ा ही नहीं, विभिन्न स्थानों से लोग दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी किवदंती यह है कि देवली माता टेम्बा के पास किसी आदिवासी समाज के व्यक्ति को स्वप्न आया। घटिया घरा स्थित क्षेत्र में हनुमानजी…

Read More