भूल गए, पर करें क्या है तो नेताजी!

wagad darshan 01

वागड़ के एक नेताजी ने अपने चुनाव प्रचार के लिए शुभ समय तलाशा। वह शुभ दिन भी बुधवार को आया। शुभ कार्य की शुरूआत के लिए शुभ स्थान पर गए। गले में पार्टी का दुपट्टा ​धारण कर लोक देवता का आशीर्वाद लिया। लेकिन आदर्श सिद्धांतों को भूल गए, ओर कर बैठे आचार संहिता का उल्लंघन। संगठन में काफी​ किरकिरी हो गई। हर किसी के बीच काफी चर्चा का विषय रहा यह कारनामा। पर भले करें क्या है तो नेताजी। कोई क्या कहे, इन्हें…!

संगठन के सक्रिय युवाओं ने व्हाट्स एप व सोशल मीडिया के ​जरिये पार्टी का हाइटेक प्रचार करने की ठानी, व्हाट्स एप पर धड़ल्ले से मैसेज चल पड़े। सोशल मीडिया के ​जरिये अपनी बात कर दी। बोल दिया कि हमारे नेताजी ने आज इस मंदिर से चुनावी बिगुल बजा दिया। यह भूल गए कि मंदिर व मस्जिद व धार्मिक ​स्थल से चुनावी प्रचार करना आचार संहिता का उल्लंघन हैं, हालांकि बाद में सोशल मीडिया से कई जगह से पोस्ट हटती भी नजर आई। निर्वाचन विभाग की नजर में मामला आ गया। इस पर निर्वाचन अधिकारी ने रिटर्निग अधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कह दिया।

यह भी पढ़े : भले ही अकाल पड़ जाए, फिर भी बहता रहेगा यहां पानी। क्लिक करें https://bit.ly/2RK5uza

रिटर्निंग ​अधिकारी सही से जवाब देने में रूचि देते नजर नहीं आए। हालांकि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, इसक जवाब भी इन्ही के पास है। उनका जवाब भी बंद मत पेटी जैसा है, कहते हैं कि हमने अथॉरिटी को जवाब दिया है। इसका जवाब देने में अथॉरिटी सक्षम है। मैं कुछ नहीं बता सकता हूं, यह कहकर पल्ला झाड़ दिया। अब पालना जांच रिपोर्ट के सामने आने का इंतजार रहेगा कि आखिर निर्वाचन विभाग के लिए यह आचार संहिता का उल्लंघन है या नहीं…!

Related posts

Leave a Comment