डिजिटल से कदमताल में पीछे डूंगरपुर के नेताजी…

wagad darshan

डूंगरपुर। वर्तमान समय सोशल मीडिया का है। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया के जरिये अपनी बात पहुंचा रहे हैं। पीएम-सीएम भी सोशल मीडिया का अपनी बात पहुंचाने के लिए हथियार के रूप में उपयोग कर रहे हैं। युवा वर्ग सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय है, ऐसे में जिले के नेता भी सोशल मीडिया के जरिये अपनी उपस्थित दर्ज करा रहे हैं, लेकिन वह सिर्फ गिनती में है। भाजपा-कांग्रेस के अधिकतर जनप्रतिनिधि निष्क्रिय बने हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद व विधायकों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की बात कह चुके हैं। हालांकि भाजपा-कांग्रेस से जुड़े युवा कार्यकर्ता—पदाधिकारी सोशल मीडिया के मंच पर सक्रिय नजर आते हैं। लेकिन संवाद में हमारे जिले के नेताजी कमजोर है। सोशल मीडिया पर संवाद में भी इनकी पकड़ नहीं है।

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अनिता कटारा अव्वल, जनप्रतिनिधि  निष्क्रिय
जिले के सागवाड़ा से अनिता कटारा सबसे अधिक सक्रिय है। इनके फेसबुक पेज पर 53 हजार लाइक होने के साथ जिले के राजनेताओं में सोशल मीडिया पर अधिक उपस्थिति दे रही है। चौरासी से सुशील कटारा 3400 लाइक के साथ जनप्रतिनिधि में दूसरे नंबर पर है, लेकिन जहां संवाद की बात आती है, वहां कमजोर नजर आ रहे हैं। वहीं डूंगरपुर से देवेंद्र कटारा व आसपुर से गोपीचंद मीणा सोशल मीडिया पर पूरी तरह से निष्क्रिय है। हालांकि इन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट जरूर बने हुए है। संवाद में ​कहीं नजर नहीं आते है।

भाजपा के पाटीदार फिसड्डी
सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष की उपस्थिति पार्टी व कार्यकर्ताओं के लिए काफी मायने रखती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश खोडनिया 5300 फेसबुक पेज लाइक के साथ संवाद में अव्वल है। नियमित रूप से सोशल मीडिया पर नजर आते हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष वेलजी पाटीदार पूरी तरह से निष्क्रिय है। इनका अपना फेसबुक पेज व ट्टिवर अकाउंट तक नहीं है। १५ जुलाई २०१७ को अंतिम बार उन्होंने अपनी खुद की फोटो अपडेट की थी।

दो माह से दिखी अधिक सक्रियता

प्रदेश में छह अक्टूबर को कभी भी आचार संहिता लग सकती है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया पर सक्रियता के लिए प्रयास चल रहे हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता ताराचंद भगोरा नियमित रूप से सोशल मीडिया पर नजर आते हैं। लेकिन झौंथरी से मंजुला रोत, चिखली से प्रधान महेंद्र बरजोड़, सीमलवाड़ा से निमिषा भगोरा अब सोशल मीडिया पर अधिक नजर आने लगे हैं। इनकी सक्रियता पिछले दो माह से देखने को मिली है। वहीं पूर्व विधायक शंकरलाल अहारी ने चार बार विधायक बनने के बाद अब फेसबुक पर अपना अकाउंट तैयार किया है।

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यह नहीं दिखते सोशल मीडिया पर…
पूर्व केबिनेट मंत्री कनकमल कटारा सोशल मीडिया पर नजर नहीं आ रहे हैं। ट्टिवटर पर भी नहीं दिख रहे हैं। वहीं पूर्व विधायक लालशंकर घाटिया, राईया मीणा, सुरेंद्र बामणिया भी निष्क्रिय है।

सांसद हो या मंत्री, संवाद में फिसड्डी
डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद मानशंकर निनामा के फेसबुक अकाउंट पर 4642 फ्रेड है, लेकिन इनका अपना फेसबुक पेज नहीं है। वहीं संवाद में कहीं नजर नहीं आते हैं। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी सांसदों को ट्विटर पर फॉलोअर बढ़ाने व संवाद के लिए कह चुके हैं, लेकिन नेताजी को सोशल मीडिया पर संवाद नहीं भा रहा है। धनसिंह रावत व  भीमाभाई डामोर भी सोशल मीडिया पर नियमित रूप से सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं।

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