क्या आप जानते है वागड़ की महिला किसान मॉडल को

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वागड़ की महिला किसान ने दिल्ली में गाया “वडाली तारे खुस जाहे मु नानी परणाई” राजेश पटेल,डूंगरपुर। किसानों को याद करने के लिए सिर्फ किसान दिवस ही नहीं है। अन्नदाता को याद करने के लिए हर दिन महत्वपूर्ण है। वागड़ ​के किसान खेती में जो नवाचार कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है। किसी ने क्या खूब लिखा है, “कर दिखाओ कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा ” ऐसा ही कुछ करके दिखाया है वागड़ की शांता पटेल ने। इस महिला किसान को दूरदर्शन चैनल द्वारा राष्ट्रीय महिला…

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पायलट बोले, धर्मो के ठेकेदार मंदिर जाते तो क्या बुरा होता!

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डूंगरपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि पीएम बेणेश्वर धाम पर भाषण देकर चले गए। मंदिर में हाथ जोड़कर चले जाते तो क्या बुरा होता। यह धर्मो के ठेकेदार बनते है, मंदिर जाना क्यों भूल गए! आखिर जगह का चयन क्यों किया। ​बहुत बड़ा धाम है। लोग शामिल हो जाएगे, इसलिए सभा कर दी। इससे तो खेत में ही सभा कर लेते। यह मंगलवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र के कुआं गांव में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घमंड का…

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चोर भी भूल गए चोरी करना, पुरातन विभाग ने माना महत्वपूर्ण!

बांसवाड़ा जिले का अंदेश्वर पार्श्वनाथ अतिशय मंदिर

बांसवाड़ा के अंदेश्वर पार्श्वनाथ अतिशय मंदिर को वागड़ क्षेत्र में हर कोई जानता है। कार्तिक पुर्णिमा यहां के लिए अहम दिन होता है। इस दिन अंदेश्वर भगवान प्रगट हुए थे। इस प्रतिमा को 12वीं या 13 वीं शताब्दी माना जाता है। पुरातन विभाग ने इस मूर्ति को अध्यात्म की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है। भगवान पार्श्वनाथ की यह प्रतिमा अंदेश्वर पार्श्वनाथ के नाम से देशभर में विख्यात है। इस प्रतिमा के पीछे कई किंवदंतियां है कि एक बार चोर यहां चोरी करने के लिए आए। चांदी के दरवाजों को निकाल दिया,…

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क्या आपने देखा है यह स्कूल, जिसकी दीवारें बोलती है…

डूंगरपुर जिले का हिम्मतपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय

-टाई पहने, आई कार्ड लटकाए अध्ययन करते हैं विद्यार्थी सरकारी स्कूलों की स्थिति से हर कोई वाकिफ है। यहां कक्षाकक्षों के साथ संसाधनों की कमी झेलनी पड़ती है। राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल ऐसा भी है जो निजी विद्यालयों को भी मात देता है। इसे देखकर सरकारी स्कूल के प्रति हर किसी की सोच बदल जाती है। इस स्कूल के विद्यार्थी टाई पहने, गले में आई कार्ड लटकाए निजी स्कूलों की तरह अध्ययन करते नजर आते हैं। डूंगरपुर जिले के हिम्मतपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय की हिम्मत…

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मंजुला रोत सचिन पायलट ग्रुप की, काट रहे एक दूसरे को!

चौरासी विधानसभा

डूंगरपुर। राज्यसभा सांसद हर्षवर्धनसिंह ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी है। मंजुला रोत सचिन पायलट ग्रुप की है। एक गुट दूसरे गुट को काट रहा है। ऐसी पार्टी को लाकर कोई काम नहीं होने वाला है। भाजपा विकास की राजनीति करती है। जात पात की राजनीति नहीं करती है। भाजपा सामाजिक समरसता वाली पार्टी है। हमारे लिए आप सब एक है। भाजपा काम से मतलब रखती है। मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि अबकी बार हमको समर्थन दीजिए। आपके कार्य हम करने के लिए तैयार है। वागड़ का क्षेत्र शांतिपूर्ण है,…

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नीला पानी, बस इस पल का होता है वर्षभर इंतजार…

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राजेश पटेल, डूंगरपुर। मेला हमारी संस्कृति का हिस्सा है। गांवों में लगने वाले मेले में ग्रामीण संस्कृति का दर्शन होता है। बेणेश्वर व रथोत्सव के बाद नीलापानी मेले की पहचान बरसों से कायम है। परंपराओं पर आधारित यह मेला ऐतिहासिक है। देव दिवाली का यह मेला पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध है। यहां तक कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इस पर सवाल पूछा जा चुका है। वर्षभर साधु इस नीलापानी मेले के आने का इंतजार करते हैं। कई साधु पैदल चलकर यहां पहुंचते हैं। यहां चौदस को कुंड में स्नान के लिए…

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कभी गोकुल-मथुरा कहलाती थी वागड़ की यह जगह…

राजेश पटेल, डूंगरपुर। जब आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का नाम आता है तो गोकुल व मथुरा जेहन में आ जाता है। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा की प्रतिमा विराजित होती है, लेकिन वागड़ में एक गांव ऐसा है जिसके नाम में ही भगवान श्याम बिराजते हैं। डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा पंचायत समिति में स्थित नवलश्याम गांव वर्तमान में राधाकृष्ण मंदिर से पहचाना जाता है। गांव के राधाकृष्ण मंदिर काशी के कारीगरों की मदद से तैयार किया है। इस मंदिर को गोकुल, मथुरा की तरह हुबहु बनाने का प्रयास किया गया…

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सात बैलगाडी टूटी, फिर स्थापित कर दी प्रतिमा

डूंगरपुर जिले का प्रसिद्ध मांडविया हनुमान मंदिर

राजेश पटेल व विशाल कलाल की संयुक्त रिपोर्ट : डूंगरपुर जिले का चमत्कारिक मांडविया हनुमान मंदिर आस्था का ऐसा परम धाम है, यहां भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है। जिला मुख्यालय से 26 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हर शनिवार को श्रद्धालुओं का मेला लगता है। सिर्फ डूंगरपुर—बांसवाड़ा ही नहीं, विभिन्न स्थानों से लोग दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी किवदंती यह है कि देवली माता टेम्बा के पास किसी आदिवासी समाज के व्यक्ति को स्वप्न आया। घटिया घरा स्थित क्षेत्र में हनुमानजी…

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150 परिवार में हर घर से एक व्यक्ति विदेश..

डूंगरपुर। जीवन में हर कोई एक बार विदेश जाने की चाह रखता है। विदेश में रोजगार मिलना भी कोई आसान काम नहीं है। पहली बार विदेश जाने वाले युवाओ को रोजगार के लिए कई दिन तक भटकना पड़ता है। डूंगरपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां 150 परिवारों में हर घर से एक व्यक्ति रोजगार की चाह में विदेश रहता है। जिला मुख्यालय से सात किमी की दूरी पर स्थित मोकरवाड़ा गांव के युवा कतर, कुवैत, इजरायल, बहरीन, इराक आदि देशों में कार्य कर रहे हैं। इस गांव…

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