दारू दुकड़ा आलवा वारा, लोकतंत्र ना हैं इ हत्यारा।

बांसवाड़ा। गुजराती में ‘जो बका’ के संबोधन की तरह वागड़ी में ‘ए…हामरो’ (ए सुनो) संबोधन प्रसिद्ध है। इस टेगलाईन को ​बांसवाड़ा निर्वाचन विभाग ने अपनाया है। इनका यह नवाचार बिल्कुल हटकर है। राजनेताओं के हाइटेक चुनाव प्रचार के बीच बांसवाड़ा निर्वाचन विभाग की मतदाता अपील पर हर किसी की नजर जा रही है, कारण मतदाता अपील का अनूठा तरीका । ए…हामरो’…की यह स्टीकर श्रृंखला भावनात्मक अपील के रूप में मतदाता को मतदान से जोड़ने के लिए सटीक है। इसकी चर्चा भी हर जगह हो रही है। वहीं निर्वाचन विभाग भी…

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भूल गए, पर करें क्या है तो नेताजी!

wagad darshan 01

वागड़ के एक नेताजी ने अपने चुनाव प्रचार के लिए शुभ समय तलाशा। वह शुभ दिन भी बुधवार को आया। शुभ कार्य की शुरूआत के लिए शुभ स्थान पर गए। गले में पार्टी का दुपट्टा ​धारण कर लोक देवता का आशीर्वाद लिया। लेकिन आदर्श सिद्धांतों को भूल गए, ओर कर बैठे आचार संहिता का उल्लंघन। संगठन में काफी​ किरकिरी हो गई। हर किसी के बीच काफी चर्चा का विषय रहा यह कारनामा। पर भले करें क्या है तो नेताजी। कोई क्या कहे, इन्हें…! संगठन के सक्रिय युवाओं ने व्हाट्स एप…

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जीवन के देखे 70 बसंत, इच्छा हैं कि बस एक बार ओर टिकट मिल जाए…

wagad chourasi shankarlal ahari

डूंगरपुर। मैं 70 बसंत देख चुका हूं। राजनीति में काफी बदलाव देखने को मिले। सबकी सुनी। वह दौर था जब राजनीति सेवा हुआ करती थी। सेवा की दृष्टि से लोग राजनीति में प्रवेश करते थे। अब सिर्फ स्टैंडर्ड, लाभ प्राप्त करने, सुख सुविधा के लिए चुनाव लड़े जाते हैं। 1985 से वर्ष 2013 तक चार बार चौरासी से विधायक रह चुका हूं। टिकट की दौड़ में अभी कई लोग हैं, लेकिन इच्छा है कि एक बार टिकट मिल जाए। अंतिम बार चौरासी विधानसभा क्षेत्र की जनता को सेवा ही राजनीति…यह…

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