सात बैलगाडी टूटी, फिर स्थापित कर दी प्रतिमा

डूंगरपुर जिले का प्रसिद्ध मांडविया हनुमान मंदिर

राजेश पटेल व विशाल कलाल की संयुक्त रिपोर्ट : डूंगरपुर जिले का चमत्कारिक मांडविया हनुमान मंदिर आस्था का ऐसा परम धाम है, यहां भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है। जिला मुख्यालय से 26 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हर शनिवार को श्रद्धालुओं का मेला लगता है। सिर्फ डूंगरपुर—बांसवाड़ा ही नहीं, विभिन्न स्थानों से लोग दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी किवदंती यह है कि देवली माता टेम्बा के पास किसी आदिवासी समाज के व्यक्ति को स्वप्न आया। घटिया घरा स्थित क्षेत्र में हनुमानजी…

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माही के तट पर अखंड साधना व तप के जरिये छोड़ी है छाप…

wagad darshan

मनीष कलाल, डूंगरपुर। वागड़ की यह धरती गोविंद गुरु, संत सुरमालदास महाराज के साथ अनेक साधु संतो की तपस्या स्थली रही है। यहां साधुओं ने तप के जरिये अनूठी छाप छोड़ी है। आज इन साधुओं को बड़ी श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। इसलिए इन्हें लोक देवता भी कहते हैं। लोक देवताओं ने लोक मंगल के कार्यो के जरिये घर घर में प्रात: स्मरणीय स्थान बनाया है। उन्हीं में से एक समाधिस्थ ज्योतिसर महाराज। इनके राजस्थान के साथ ही गुजरात व मध्यप्रदेश में हजारों की संख्या में भक्त हैं।…

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