घर घर में यहां के पत्थर, तभी कहते हैं बलवाड़ा की पट्टियां

डूंगरपुर। वागड़ की धरा प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर है। यहां आपको भांति भाति के पत्थर, वनस्पति व मिट्टी नजर आएगी। बलवाड़ा की पट्टिया बरसों से वागड़ की पहचान रही है। वागड़ के गांव, ढाणियो, फलों, बस्तियों से लेकर मंदिरों में बलवाड़ा की पहचान झलकती है। बरसो पहले इन पत्थरों को हथौड़े व टांकले से निकाला जाता था। अब इसके लिए नये तरीके इजाद किए है। पुराने घरों की फर्श पर यह पत्थर नजर आ जाएगा।  गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि डूंगरपुर के कई घरों में यही पत्थर है। बलवाड़ा…

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