मौत पर मुआवजा का खेल, यहां घर में रख दी जाती है लाश..

moutana tribal area

उदयपुर। अरावली की पहाड़ियों में बसे डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर जिले समेत जनजाति अंचल में मौताणा की गूंज सुनने को मिलती है। मौताणा प्रथा आदिवासियों का अपना कानून है। यहां किसी व्यक्ति की मौत होने पर जिम्मेदार लोगों से राशि वसूली जाती है। यह राशि लाखों में होती है। शव को जिम्मेदार व्यक्ति के घर—आंगन में रख जाता है। जब तक राशि वसूली नहीं की जाती है, तब तक शव को आंगन से उठाया नहीं जाता है। कभी कभी चार से पांच दिन तक शव रखा रहता है। मौताणा तय होने…

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