चोर भी भूल गए चोरी करना, पुरातन विभाग ने माना महत्वपूर्ण!

बांसवाड़ा जिले का अंदेश्वर पार्श्वनाथ अतिशय मंदिर

बांसवाड़ा के अंदेश्वर पार्श्वनाथ अतिशय मंदिर को वागड़ क्षेत्र में हर कोई जानता है। कार्तिक पुर्णिमा यहां के लिए अहम दिन होता है। इस दिन अंदेश्वर भगवान प्रगट हुए थे। इस प्रतिमा को 12वीं या 13 वीं शताब्दी माना जाता है। पुरातन विभाग ने इस मूर्ति को अध्यात्म की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है। भगवान पार्श्वनाथ की यह प्रतिमा अंदेश्वर पार्श्वनाथ के नाम से देशभर में विख्यात है। इस प्रतिमा के पीछे कई किंवदंतियां है कि एक बार चोर यहां चोरी करने के लिए आए। चांदी के दरवाजों को निकाल दिया,…

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सात बैलगाडी टूटी, फिर स्थापित कर दी प्रतिमा

डूंगरपुर जिले का प्रसिद्ध मांडविया हनुमान मंदिर

राजेश पटेल व विशाल कलाल की संयुक्त रिपोर्ट : डूंगरपुर जिले का चमत्कारिक मांडविया हनुमान मंदिर आस्था का ऐसा परम धाम है, यहां भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है। जिला मुख्यालय से 26 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हर शनिवार को श्रद्धालुओं का मेला लगता है। सिर्फ डूंगरपुर—बांसवाड़ा ही नहीं, विभिन्न स्थानों से लोग दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी किवदंती यह है कि देवली माता टेम्बा के पास किसी आदिवासी समाज के व्यक्ति को स्वप्न आया। घटिया घरा स्थित क्षेत्र में हनुमानजी…

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क्या जानते है आप, डूंगरपुर में है लंदन…

लंदन इग्लैंड की राजधानी है। सबसे अधिक आबादी वाला खूबसूरत शहर। गगनचुंबी इमारते, टावर आॅफ लंदन, लंदन अंडरग्राउंड यहां की शान है। पर, किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि डूंगरपुर में भी लंदन हो सकता है। लंदन वाले सोचते होंगे कि डूंगरपुर ने हमारे शहर को कैद कर लिया है। बनकोडा—आसपुर मार्ग पर मुख्य मार्ग पर एक गांव है नरणिया। जिसे लंदन के नाम से जाना जाता है। 1700 की आबादी वाला गांव है। लंदन जैसी ऐसी कोई बात नहीं है। गांव के साइन बोर्ड पर लंदन जरूर नजर…

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अरे वाह…नासिक के पौधों से डूंगरपुर में हो रही अनार की खेती..

Dungarpur agriculture

कर्तव्य शाह, डूंगरपुर। कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे खेतों में अनार की पैदावार हो सकेगी। हमारे खेत भी अनार के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन आज खेतों में अनार की फसल नजर आ रही है। यह कहना है डूंगरपुर जिले के भचडिया गांव के किसान अभयसिंह डामोर का। राजस्थान के डूंगरपुर जिले का भ​चडिया गांव पड़ोसी गुजरात से करीब 10 किमी की दूरी पर है। अभयसिंह का गुजरात राज्य के बोरवाई गांव में जाना हुआ। वहां देखा कि पाटीदार समाज अनार की बढ़िया खेती कर रहा है।…

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ऐसे डूब गया वागड़ का यह सूर्यमुखी मंदिर…

wagaddarshan

मनीष कलाल। वागड़ में शिवालयों का खजाना है। हर शिवालय की अपनी एक कहानी है। इन​ शिवालयों के प्रति लोगों में अगाध आस्था है। वागड़ में एक मंदिर ऐसा भी है जो पानी के मध्य स्थित है। जानकार बताते हैं कि यह मंदिर आठ माह पानी में डूबा रहता है। चार माह ही लोग पानी के तट तक पहुंच पाते हैं। यहां लोग नाव के जरिये दर्शन करने आते हैं। बासंवाड़ा—डूंगरपुर जिले की सीमा पर लगते चीखली—आनंदपुरी के मध्य बेडूवा गांव के पास यह मंदिर मौजूद है। अनास व माही…

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